Question
आज वह अपने पिताजी की $...........$ से खुश है।

Answer

स्वप्रयत्न

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दूसरे दिन सुबह आठ बजे तक विलवासीजी ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾रहे।(उल्का, गुस्सा, तिलमिला, आँख, मरे, प्रसन्नता, वजू, सांगोपांग)
मीठे वचन सुनाय, $................$ सब ही की कीजै।
हँसमुख हरियाली में $................$ गाते मंगल।
मैया मोरी! मैं नहि ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ खायो।(बंसीबट, धरनि, कंठ, बलदेवहिं, माखन)
शावक $................$ तो था ही उसके बचने की आशा भी धूमिल थी।
बादल के घेरों में भी तो जयघोष न ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾का थमता।(मारुत, मुरदे, ज्वाला, अभिमानी, संकट)
रानी के पीछे‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾पलटन थी।(पेशवाई, गोला, अस्तबल, तात्या, नायक, पैदल, प्रकाश, देशमुख, पिस्तोल, माता)
बिरजू $...........$ इंसान है।
$................$ जल दिन चारि को, ठाउँ न रहत निदान।
अंग्रेजी भाषा में जब वे ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾बोलते तो छात्र पलक झपकाना भूल जाते थे।(कुलपति, शिक्षक दिवस, धाराप्रवाह, अध्यापक, वेल्लौर, कोलकाता, ऑक्सफोर्ड)