Question
‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ आसमान में पक्षी पड़ रहे थे। (नीले/पीले)

Answer

स्वप्रयतन

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आदित्य-एल 1 ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ बिंदु पर स्थित है। (लगरांज/ब्रह्मराज)
तभी मेरा ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ लेकर कांग आई। (टिफिन/बैग)
मैं प्रतिदिन विद्यालय जाती ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ | (दौड़ता है, हूँ)
नाव देखकर मेरा मन ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ लगा। (नाचने)
माँ उसे कहती थीं, ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ । वह दुनिया हमारी दुनिया से बहुत अलग है। (वहाँ कभी मत जाना/जल्दी वापस आ जाना)
‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ द्वारा हम अपनी बात एक-दूसरे तक पहुँचते हैं। (मित्र, भाषा)
अब बरसेगा महाराज का ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ तेनाली पर। (क्रोध/रुपया)
दिनेश ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ को हाथ में लिए हुए भीतर आ गया।
इन बालों पर मैंने अशर्फियाँ ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ उधार ली हैं। (पाँच हजार / पाँच सौ)
‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ में कोई बड़ी ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ बन रही थी।