अम्ल वर्षा: जब वर्षा जल में अम्ल की मात्रा अत्यधिक होती है, तो वह अम्ल वर्षा कहलाती है। वायु में प्रदूषकों के रूप में निर्मुक्त कार्बन डाई - आक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसी गैसें वर्षा जल में घुलकर क्रमशः कार्बोनिक अम्ल, सल्फ्यूरिक अम्ल और नाइट्रिक अम्ल बनाती हैं, जिससे वर्षा जल अम्लीय हो जाता है। यह अम्ल वर्षा भवनों, ऐतिहासिक इमारतों, पौधों और जन्तुओं के लिए बहुत नुकसानदायक होती है।