जब किसी पिण्ड पर आवर्ती बल लगाया जाये और पिण्ड की आवृत्ति उसकी नैसर्गिक आवर्ती के तुल्य हो अर्थात् प्रणोदी दोलनों की आवृत्ति पिण्ड की नैसर्गिक आवर्ती के तुल्य हो तो दोलन आयाम अधिकतम होगा।ऐसे दोलनों को पिण्ड के अनुनादी दोलन कहते हैं। यदि दोलनों द्वारा ध्वनि उत्पन्न होती है तो यह अधिकतम तीव्रता की होगी।
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