Question
बालक कृष्ण के स्वरूप का वर्णन कीजिए।

Answer

इस पद में सूरदास जी ने बालकृष्ण की चेष्टाओ के माध्यम से बाल –कृष्ण का मनोहर वर्णन किया है । वे अपने हाथो में मक्खन लिए घुटनों के बल धीरे –धीरे चल रहे है । मुह में मक्खन लगा है । उनके गाल सुंदर और आँखे चंचल है । उनका मस्तिष्क गोरोचन तिलक से सुंदर दिख रहा है । उनकी लटे मदमस्त भ्रमर जैसी सुंदर लग रही है । अपने जल में कठला की माला पहने हुए है । उनको देखकर सूरदास जी धन्य हुए है ।

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