बिहार में वैश्वीकरण का नकारात्मक प्रभाव -
(i) कृषि एवं कृषि आधारित उद्योगों की उपेक्षा - बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है। यहाँ बड़े उद्योगों की काफी कमी है। कृषि पर भी जितना निवेश होना चाहिए, नहीं हो रहा है। कृषि पर आधारित उद्योगों की भारी कमी है। जो उद्योग थे, ने भी बंद हो चुके हैं।
(ii) रोजगार पर विपरीत प्रभाव - बिहार में छोटे पैमाने के कुटीर उद्योग के क्षेत्र में उद्योग-धंधे तो हैं, लेकिन बहुराष्ट्रीय कंपनी की भड़कीली वस्तुओं के सामने इनकी माँग बहुत कम हो गई है। कुटीर और लघु उद्योग पर इसका विपरीत प्रभान पड़ा है।