Question
'बीत गया दिन आह!' कवयित्री ललद्यद का दिन किस प्रकार बीत गया?

Answer

कवयित्री ललद्यद परमात्मा की प्राप्ति के लिए सीधे भक्ति-पथ पर चलना चाहती थी, वह केवल ज्ञान चेतना को जगाना चाहती थी, परन्तु उसने गलत राह पकड़ ली अर्थात् उसने हठयोग का मार्ग पकड़कर गलती कर दी। इस तरह उसका सारा दिन व्यर्थ की साधनाओं में बीत गया, जिससे उसे ईश्वर-भक्ति का सहज मार्ग नहीं मिला। इसी बात पर उसने अपना पछतावा व्यक्त किया।

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