Question
बलुई मृदा किस कारण से हल्की, सुवातित और शुष्क होती है? 

Answer

मृदा के कणों के आमाप का उसके गुणों पर बहुत महत्त्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। बालू के कण अपेक्षाकृत बड़े होते हैं। ये आसानी से एक - दूसरे से जुड़ नहीं पाते। इस कारण इनके बीच में काफी रिक्त स्थान होते हैं। ये स्थान वायु से भरे होते हैं। बालू के कणों के बीच के स्थानों में से जल की निकासी भी तेजी से हो जाती है। अतः हम कह सकते हैं कि बलुई मृदा हल्की, सुवातित और शुष्क होती है।

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

घटपर्णी (पिचर पादप) में घड़े एवं उक्कन जैसी संरचना का निर्माण किसके द्वारा होता है?
अधोतल से आप क्या समझते हैं? लिखिए। 
दूरी - समय ग्राफ के विषय में लिखिए। 
यीस्ट का उपयोग शराब (वाइन) और बियर बनाने के लिए क्यों किया जाता है?
आप कैसे सिद्ध करेंगे कि 'सूर्य के प्रकाश में सात वर्ण विद्यमान हैं।' 
उत्तल दर्पण से क्या अभिप्राय है? यह किस प्रकार के प्रतिबिंब बनाता है?
वास्तविक प्रतिबिम्ब तथा आभासी प्रतिबिम्ब में अन्तर लिखिए।
कभी - कभी जब हम जल्दी - जल्दी खाते हैं, अथवा खाते समय बात करते हैं, तो हमें हिचकी क्यों आ जाती है? 
एक मोमबत्ती जलाइए। अपने एक हाथ को लौ के ऊपर तथा दूसरे हाथ को लौ के पावं में रखिए। क्या आपके दोनों हाथ समान गर्मी का अनुभव करते हैं? यदि नहीं, तो कौन - सा हाथ अधिक गर्मी अनुभव करता है और क्यों?
कुछ पादप (पौधे) ऐसे भी होते हैं, जिनमें क्लोरोफिल नहीं पाया जाता। वे अपना भोजन संश्लेषित नहीं कर सकते, फिर वे जीवित कैसे रहते हैं, तथा वे पोषक किस प्रकार प्राप्त करते हैं?