फूल का नाम
गुलाब – गुलाब एक बहुवर्षीय, झाड़ीदार, कंटीला, पुष्पीय पौधा है। जिसमें कई रंग के सुंदर सुगंधित फूल लगते हैं। इसकी १०० से भी अधिक प्रजातियाँ अस्तित्व में हैं। गुलाब की अधिकतर जातियाँ एशियाई मूल की हैं। भारत सरकार ने १२ फरवरी को ‘गुलाब-दिवस’ के रूप में घोषित किया है। गुलाब का फूल अपनी कोमलता, सुंदरता व सुगंध के लिए विशेष प्रसिद्ध है।
गुलाब के उपयोग –
- गुलाब के फूल का उपयोग भगवान के चरणों में चढ़ाने के लिए करते हैं।
- गर्मियों में गुलाब के फूलों का रस चेहरे पर मलने से चेहरे पर ताजगी बनी रहती है।
- आँखों की जलन व खुजली दूर करने के लिए गुलाब के जल का उपयोग किया जाता है।
- गुलाब के घर में महकते रहने से घर का वातावरण पवित्र व शांत बना रहता है।
- गुलाब के फूल से शरबत व गुलकंद बनाई जाती है, जो सेहत के लिए अत्यंत फायदेमंद होती है।
- कान में दर्द होने पर गुलाब की पत्तियों का रस डालने से कान के दर्द से राहत मिलती है।
- गुलाब के फूलों से खुशबूदार इत्र बनाए जाते हैं।
- गुलाब की गंध – गुलाब का फूल खुशबू के लिए भी विशेष प्रसिद्ध है।
- इसकी हलकी, मधुर, भीनी व मोहक गंध सबके मन को आकर्षित करती है।
- भारतवर्ष में ऋतु के अनुसार गुलाब दो प्रकार के माने जाते हैं।
(१) सदागुलाब और (२) चैती गुलाब
सदागुलाब पूरे साल भर फूलता रहता है। चैती गुलाब केवल बसंत ऋतु में ही फूलता है। चैती गुलाब अपनी सुगंध के लिए विशेष प्रसिद्ध होता है। यही फूल अधिकतर इत्र और दवा बनाने के काम में लाया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि गुलाब के इस का नूरजहाँ ने १६१२ इ.स. में अपने विवाह के अवसर पर उपयोग किया था। गुलाब का फूल अपनी गंध और औषधीय गुणों के कारण संसार में विशेष रूप से प्रसिद्ध है।