Question
चेतक की ‘नद-सा’ क्यों कहा गया है?

Answer

जिस प्रकार बड़ी नदी अपनी वेग में सब कुछ बहाकर ले जाती है उसी प्रकार चेतक जिधर जाता है उधर दुश्मन साफ हो जाते हैं। इसलिए चेतक को ‘नद-सा’ कहा गया है।

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ऐसा लगता है कि भारत से जाने के बाद भी एंजेला के मन में असम ही छाया हुआ था। पाठ इस कथन के समर्थन के लिए कुछ उदाहरण खोजकर लिखिए।
ध्यानचंद की सफलता का क्या रहस्य था?
महलों ने दी आग, झोपड़ी ने ज्वाला सुलगाई थी,
यह स्वतंत्रता की चिनगारी अंतरतम से आई थी,
झाँसी चेती, दिल्ली चेती, लखनऊ लपटें छाई थीं,
मेरठ, कानपुर, पटना ने भारी धूम मचाई थी,
जबलपुर, कोल्हापुर में भी
कुछ हलचल उकसानी थी।
बुंदेले हरबोलों के मुंह
हमने सुनी कहानी थी।
खूब लड़ी मर्दानी वह तो
झाँसीवाली रानी थी।
QUESTION:
Q.1. स्वतंत्रता की चिनगारी कहाँ से आई थी?
(A) ग्वालियर से (B) लखनऊ से (C) नागपुर से (D) लोगों के अंतरतम से
Q.2. स्वतंत्रता संग्राम में आग लगाने का काम किसने किया?
(A) महलों ने (B) झोंपड़ियों ने (C) मकानों ने (D) साधारण जनता ने
Q.3. स्वतंत्रता की आग को किसने रोशन किया?
Q.4. स्वतंत्रता के आग की लपटों को किसने तेज़ कर दिया?
कवि ने मातृभूमि कविता की रचना किस उद्देश्य से की है?
धरा पर अंधकार को मिटाने के लिए कवि ने क्या सुझाव दिए हैं?
तो भी रानी मार-काटकर चलती बनी सैन्य के पार,
किंत सामने नाला आया, था यह संकट विषम अपार,
घोड़ा अड़ा, नया घोड़ा था इतने में आ गए सवार,
रानी एक, शत्रु बहुतेरे, होने लगे वार पर वार,
घायल होकर गिरी सिंहनी
उसे वीर-गति पानी थी।
बुंदेले हरबोलों के मुँह
हमने सुनी कहानी थी।
खूब लड़ी मर्दानी वह तो
झाँसीवाली रानी थी।
QUESTION:
Q.1. रानी के सामने कौन-सा विषम संकट आ गया?
(A) रानी के रास्ते में नदी आ गई
(B) रानी के रास्ते में नाला पड़ा
(C) रानी के सामने दुर्गम पहाड़ आ गया
(D) इनमें से कोई नहीं ।
Q.2. घोड़ा क्यों अड़ गया?
(A) घोड़ा प्यासा था। (B) घोड़ा भूखा था। (C) घोड़ा थक गया था। (D) घोड़ा नया था।
क्रियाओं से भी भाववाचक संज्ञाएँ बनती हैं। जैसे मारना से मार, काटना से काट, हारना से हार, सीखना से सीख, पलटना. से पलट और हड़पना से हड़प आदि भाववाचक संज्ञाएँ बनी हैं। तुम भी इस संस्मरण से कुछ क्रियाओं को छाँटकर लिखो और उनसे भाववाचक संज्ञा बनाओ।
इस स्वतंत्रता-महायज्ञ में कई वीरवर आए काम, नाना धुंधूपंत, ताँतिया, चतुर अज़ीमुल्ला सरनाम, अहमद शाह मौलवी, ठाकुर कुँवरसिंह सैनिक अभिराम, भारत के इतिहास-गगन में अमर रहेंगे जिनके नाम, खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसीवाली रानी थी। लेकिन आज जुर्म कहलाती उनकी जो कुरबानी थी। बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी।
QUESTION:
Q.1. किस स्वतंत्रता-महायज्ञ की बात कवयित्री ने इस पद्यांश में की है?
(A) 1857 की क्रांति (B) स्वदेशी आंदोलन (C) असहयोग आंदोलन (D) भारत छोड़ो आंदोलन
Q.2. भारत के इतिहास-गगन में किनके नाम अमर होने की बात कही गई है?
(A) अजीमुल्लाह एवं नाना धुंधूपंत (B) रानी सखियाँ-काना एवं मंदरा (C) रानी का घोड़ा (D) इनमें कोई नहीं
Q.3. इस स्वतंत्रता-महायज्ञ में कई वीरवर आए काम-इस पंक्ति का क्या अर्थ है ?
Q.4. देश के लिए कुर्बान होने वाले विख्यात वीर सैनिक कौन थे?
किन बातों से ऐसा लगता है कि ध्यानचंद स्वयं से पहले दूसरों को रखते थे?
इनकी गाथा छोड़ चले हम झाँसी के मैदानों में,
जहाँ खड़ी है लक्ष्मीबाई मर्द बनी मर्दानों में,
लेफ्टिनेंट वॉकर आ पहुँचा, आगे बढ़ा जवानों में,
रानी ने तलवार खींच ली, हुआ द्वंद्व असमानों में,
ज़ख्मी होकर वॉकर भागा,
उसे अजब हैरानी थी।
बुंदेले हरबोलों के मुंह
हमने सुनी कहानी थी।
खूब लड़ी मर्दानी वह तो
झाँसीवाली रानी थी॥
QUESTION:
Q.1. झाँसी के मैदानों में मर्द बनकर कौन खड़ी है?
(A) रानी की सखियाँ (B) रानी लक्ष्मीबाई (C) राजपूत नारियाँ (D) राजघराने की सभी नारियाँ
Q.2. युद्ध क्षेत्र में रानी के पहुँचने के बाद कौन अंग्रेज़ सेनापति आ पहुँचा?
(A) डलहौजी (B) कार्नवालिस (C) लेफ्टिनेंट वॉकर (D) लार्ड वेलेजली
Q.3. इस पद्यांश में झाँसी के मैदानों में चलने की बात क्यों की गई है?
Q.4. किस अंग्रेज सेनापति ने अपने जवानों के साथ झाँसी के मैदान में रानी से युद्ध किया?