पिता-वैद्य जी, शाम तक ठीक था। दफ़तर से चलते वक्त रास्ते में एकदम बोला-मेरे पेट में दर्द होता है। ऐसे-ऐसे’ होता है। समझ नहीं आता, यह कैसा दर्द है!
वैद्य जी-अभी बता देता हूँ। असल में बच्चा है। समझा नहीं पाता है। (नाड़ी दबाकर) वात का प्रकोप है… मैंने कहा, बेटा, जीभ तो दिखाओ। (मोहन जीभ निकालता है।) कब्ज है। पेट साफ़ नहीं हुआ। (पेट टटोलकर) हूँ, पेट साफ़ नहीं है। मल रुक जाने से वायु बढ़ गई है। क्यों बेटा? (हाथ की उँगलियों को फैलाकर फिर सिकोड़ते हैं) ऐसे-ऐसे होता है?
QUESTION: Q.1. वैद्य जी के अनुसार-मोहन ऐसे-ऐसे क्यों कर रहा है?
(A) क्योंकि उसे यह बीमारी हुई है।
(B) क्योंकि उसे दर्द का कारण पता नहीं है।
(C) क्योंकि उसे यह बीमारी पहली बार हुई।
(D) क्योंकि बीमारी को इसी नाम से पुकारा जाता है
Q.2. उसे किस बात की बीमारी है?
(A) बुखार है। (B) मलेरिया है। (C) वात की (D) सरदी और जुकाम का है।