Gujarat Boardગુજરાતી માધ્યમધોરણ 6हिंदीकहानी6 Marks
Question
चींटी और कबुतर
✓
Answer
राधनपुर नाम का एक गाँव था। गाँव से थोड़ी दूरी पर एक जंगल था। जंगल में एक तालाब था। उस तालाब के किनारे एक पेड़ था। उस पेड़ पर एक कबूतर रहता था। कबूतर बहुत दयालु स्वभाव का था। एक दिन कबूतर जब पेड़ पर बैठा था तब उसन देखा की एक चींटी तालाब में गिर पड़ी है। कबूतर ने पेड़ पर से एक पत्ता तोड़कर उस चींटी को दीया। चींटी उस पत्ते के सहारे तट तक पहुँच गई । इस तरह कबूतर ने चींटी की जान बचाई। चींटी और कबूतर अब उच्छे मित्र बन गए। कबूतर ने चींटी की जान बचाइ कुछ दिन हुए थे की उस जंगल में एक शिकारी आ गया। शिकारी ने पेड़ पर बैठे कबूतर को देखा । कबूतर का शिकार करने के लिए उसने बंदुक से निशाना लगाया। शिकारी के पास खडी चींटीने देखा की शिकारी कबूतर को मारने के लिए उस पर गोली चलानेवाला है। शिकारी जब कबूतर को मारने के लिए गोली चलाने गया तब चींटी ने उसके पेर पर काट लिया। शिकारी का निशाना चूक गया। कबूतर गोली की आवाज़ सुनकर पेड़ पर से उड़ गया। इस प्रकार चींटीने कबूतर की जान बचाकर अपनी मित्रता निभाई। सीख : हमे उपकार का बदला सदैव उपकार से चुकाना चाहिए।
Need a full question paper?
Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.