Question
देश में जैन धर्म का प्रचार - प्रसार किस प्रकार हुआ?

Answer

1. जैन धर्म के प्रचार - प्रसार हेतु महावीर स्वामी ने अपनी शिक्षा प्राकृत भाषा में दी जिससे साधारण जन भी उन्हें आसानी से समझ सके। महावीर स्वामी तथा उनके अनुयायियों ने देश में घूम-घूम कर इनका प्रचार किया।
2. जैन धर्म के नियम बहुत कठोर थे। अधिकांश व्यक्तियों के लिए ऐसे कड़े नियमों का पालन करना बहुत कठिन था। फिर भी हजारों व्यक्तियों ने इस नई जीवन शैली को जानने और सीखने के लिए अपने घरों को छोड़ दिया।
3. कई अपने घरों पर ही रहे और भिक्षु - भिक्षुणी बने लोगों को भोजन प्रदान कर उनकी सहायता करते रहे।
4. मुख्यतः व्यापारियों ने जैन धर्म का समर्थन किया। किसानों के लिए इन नियमों का पालन अत्यंत कठिन था क्योंकि फ़सल की रक्षा के लिए उन्हें कीड़े - मकौड़े को मारना पड़ता था।
5. बाद की सदियों में जैन धर्म, उत्तर भारत के कई हिस्सों के साथ - साथ गुजरात, तमिलनाडु और कर्नाटक में भी फैल गया।

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