Question
धर्म के अन्दर वर्चस्व (अन्तःधार्मिक वर्चस्व) से क्या आशय है?

Answer

किसी देश में जब एक धर्म कई धार्मिक सम्प्रदायों में विभाजित हो जाता है और वे धार्मिक सम्प्रदाय परस्पर अपने से भिन्न मत रखने वाले सम्प्रदाय के सदस्यों के उत्पीड़न में लगे रहते हैं, तो यह अन्तः धार्मिक वर्चस्ववाद कहा जाता है।

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free