Question
धर्म को भारतवर्ष में श्रेष्ठ क्यों माना गया है ?

Answer

शासन और समाज की सुख-सुविधा के लिए सरकार तरह-तरह के कानून बनाती है। लेकिन भारतवासियों की दृष्टि में धर्म कानून से बड़ा है। धर्म के कारण ही अब भी सेवा, सच्चाई, ईमानदारी और आध्यात्मिकता आदि बने हुए हैं। धर्म के भय से मनुष्य झूठ और चोरी को गलत समझता है। धर्मबुद्धि के कारण ही लोग दूसरों को पीड़ा पहुंचाना पाप मानते हैं। धर्मबुद्धि ही लोभ, मोह, काम, क्रोध आदि विकारों पर संयम रख सकती है और निकृष्ट आचरण करने से रोकती है है। इसीलिए धर्म को भारतवर्ष में श्रेष्ठ माना गया है।

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

मार्ग में हिमालय अडने, डरावनी लहरों के थपेड़े मारने, नाविकों के सो जाने से क्या अभिप्राय है ?
इमानदार को मुर्खता का पर्याय समजा जाने लगा है ?
घोड़ी का नाम क्या था ? वह कैसी थी ? या रानी के सौंदर्य का वर्णन कीजिए ।
मनमोहन को तैरना सिखाने की जिम्मेदारी किसे सौपी गई ?
लेखक बीमारी में भी क्यों  काम करते थे ?
लेखक की बीमारी सुनकर श्यामा काँपकर तुरंत क्यों संभल गई?
शेखर के घर में अंग्रेजी भाषा के प्रति गहरा प्रभाव था – ऐसा हम कैसे कह सकते है ?
बच्चनजी की पारिवारिक आर्थिक विपन्नता के बारे में अपने विचार प्रकट कीजिए।
लेखक ऐसा क्यों कहता है कि गुलमर्ग को कभी पूरा देखा नहीं जा सकता?
कंडक्टरने अपनी ईमानदारी कैसे बताई ?