Question
धर्मों के बीच वर्चस्ववाद से क्या आशय है?###अन्तर-धार्मिक वर्चस्व को स्पष्ट कीजिये।

Answer

धर्मों के बीच वर्चस्ववाद अर्थात् अन्तर-धार्मिक वर्चस्व का आशय यह है कि किसी देश या समाज में बहुसंख्यक धर्मावलम्बी अल्पसंख्यक धर्मावलम्बियों या किसी एक अल्पसंख्यक धर्मावलम्बियों को उनकी धार्मिक पहचान के कारण उत्पीड़ित करते हैं। दूसरे शब्दों में, नागरिकों के एक धार्मिक समूह को दुनिया की स्वतंत्रता से वंचित किया जाता है।

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