MCQ
दीर्घ-दृष्टि के लिए हमलोग व्यवहार करते हैं-
  • उत्तल लेंस
  • B
    अवतल लेंस
  • C
    बेलनाकार लेंस
  • D
    इनमें से कोई नहीं

Answer

Correct option: A.
उत्तल लेंस
A

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दो धन-आयनों के बीच की दूरी $d$ है और प्रत्येक पर $q$ आवेश है। यदि इन दो आयनो के बीच का प्रत्याकर्षण बल $F$ हो तो, प्रत्येक आयन में से कितने इलेक्ट्रॉन लुप्त (अविद्यमान) हैं।( $e$-एक इलेक्ट्रॉन का आवेश है)
दो सेलों को, जिनके विद्युत वाहक बल $\varepsilon_1$ और $\varepsilon_2$ तथा आंतरिक प्रतिरोध r1 और r2 हैं, समानांतर क्रम में जोड़ा गया है। इसका समतुल्य वि० वा० बल होगा-
एक बिन्दु $\overrightarrow{ r }=7 \hat{ i }+3 \hat{ j }+ k$ पर बल $\overrightarrow{ F }=-3 \hat{ i }+\hat{ j }+5 \hat{ k }$ कार्यरत है। है इसका आघूर्ण है।
धारितीय प्रतिघात होता है-
किसी नत-समतल का कोण $\theta$ है। उसका ऊपरी आधा भाग पूर्णतः चिकना है तथा निचला आधा भाग खुरदरा है। इस नत-समतल के ऊपरी सिरे से एक ब्लॉक (गुटका) नीचे की ओर फिसलता है। यदि गुटका प्रारंभ में विराम स्थिति में था तो, फिसलते हुए, वह नत-समतल की तली पर फिर से विराम अवस्था में आ जायेगी जब गुटके और नत समतल के नीचे आधे भाग के बीच घर्षण गुणांक का मान हो:
एक चोक कुण्डली का व्यवहार परिपथ में धारा को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है-
यदि E-विद्युत क्षेत्र तथा T शिथिलता काल है तो इलेक्ट्रॉन का अनुगमन वेग होगा-
पृथ्वी का चुम्बकीय आघूर्ण हे
$1 kg$ द्रव्यमान का कोई पिण्ड किसी कालाश्रित बल $\overrightarrow{ F }=\left(2 \hat{ i }+3 t ^2 \hat{ j }\right) N$, यहाँ $\hat{ i }$ और $\hat{ j }, x$ और $y$ अक्ष के अनुदिश मात्रक सदिश हैं, के अधीन गति आरम्भ करता है, तो समय $t$ पर इस बल द्वारा विकसित शक्ति क्या होगी?
बोर का आकृत्ति शर्त होता है-