Question
DNA के द्विकुण्डलीय मॉडल की संरचना को स्पष्ट कीजिए।

Answer

वाटसन व क्रिक द्वारा प्रस्तावित डी. एन. ए. द्विकुण्डली के प्रमुख लक्षण -
(i) प्रत्येक डी. एन. ए. अणु दो पॉलीन्यूक्लियोटाइड श्रृंखलाओं से मिलकर बना होता है। इस श्रृंखला में रीढ़ फॉस्फेट-शर्करा-फॉस्फेट अणुओं की बनी होती है तष्था क्षारक दोनों के बीच में अन्दर की ओर निकले रहते हैं (किसी सीढ़ी की तरह)।
(ii) दोनों श्रृंखलाएँ एक-दूसरे के प्रति समानान्तर होती हैं। इसका अर्थ यह है कि, एक श्रृंखला की ध्रुवता यदि $5^{\prime} \rightarrow 3^{\prime}$ है तो दूसरी की$3^{\prime} \rightarrow 5^{\prime}$ होती है (दोनों श्रृंखलाओं की दिशा विपरीत होती है।)
(iii) दोनों श्रृंखलाएँ आपस में कुण्डलित होकर द्विकुण्डली बनाती हैं, जिनमें प्रत्येक श्रृंखला दक्षिणावर्ती कुण्डलित होता है।
(iv) दोनों श्रृंखलाओं के क्षारक आपस में हाइड्रोजन बन्ध द्वारा जुड़े होते हैं। प्रत्येक क्षारक युग्म में एक प्यूरीन व एक पिरीमिडीन होता है। एक रज्जुक का एडीनीन दूसरे रज्जुक के थायमीन के साथ दो हाइड्रोजन बन्ध द्वारा तथा ग्वानीन, साइटोसीन के साथ तीन हाइड्रोजन बन्धों द्वारा जुड़ा होता है। अर्थात् हाइड्रोजन बन्ध सदा A = T, T = A, C = G, G = C के रूप में ही, बिना किसी अपवाद के पाए जाते हैं।
इस क्षारक पूरकता के नियम के कारण दोनों रज्जुकों के बीच की दूरी समान बनी रहती है।
Image
(v) डी. एन. ए. अणु की चौड़ाई हमेशा स्थिर तथा एक क्षारक युग्म (एक प्यूरीन + एक पिरीमिडीन) की चौड़ाई के बराबर होती है।
(vi) द्विकुण्डली के एक पूर्ण मोड़ की लम्बाई 3.4m होती है तथा प्रत्येक घुमाव में 10 क्षारक युग्म पाए जाते हैं।
(vii) दो निकटवर्ती क्षारकयुग्मों के बीच की दूरी 0.34 m होती है। (1 nm = 10-9 m)।
(viii) प्रत्येक रज्जुक दूसरे रज्जुक का पूरक होता है।
(ix) क्षारकों के बीच के हाइड्रोजन बन्ध डी. एन. ए. कुण्डली को स्थायित्व प्रदान करते हैं। उनका एक के ऊपर एक क्रम में व्यवस्थित होना भी द्विकुण्डली संरचना को स्थायी बनाता है।

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

मानव इन्सुलिन निर्माण की प्रक्रिया को E.Coli जीवाणु के प्रयोग द्वारा चित्रों की सहायता से समझाइए।
जैव विकास के विभिन्न प्रमाणों को सूचीबद्ध कीजिए तथा जैवरसायन व भ्रौणिकी के प्रमाणों का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
ओपिआइड ड्रग क्या है, स्मैक का रासायनिक नाम लिखिए। स्मैक किस पादप से प्राप्त होती है। कैनाबिनाइड अणु की संरचना का चित्र बनाइये।
अनुलेखन (ट्रांसक्रिप्सन) से क्या तात्पर्य है? अनुलेखन क्रिया को चित्र सहित समझाइए।###अनुलेखन किसे कहते है? जीवाणु में अनुलेखन प्रक्रिया को नामांकित चित्र बनाकर समझाइए।###बैक्टीरिया में अनुलेखन प्रक्रिया को समझाइए एवं आरेख चित्र बनाइए।
बंध्यता से क्या तात्पर्य है? इसके निवारण से सम्बन्धित तकनीकों का वर्णन कीजिए।###सहायक जनन प्रौद्योगिकी किसे कहते हैं? विभिन्न तकनीकों का वर्णन कीजिए।
DNA अंगुलिछापी क्या है? इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डालिए।
अर्थ - संरक्षी प्रतिकृति से आपका क्या तात्पर्य है? DNA में अर्ध - संरक्षी प्रतिकृतियन की क्रिया होती है, को प्रमाणित करने के लिए मैथ्यू मेसेल्सन तथा फ्रैंकलिन स्टाल द्वारा किये गये प्रयोग का वर्णन कीजिए। अर्ध - संरक्षी DNA प्रकृतियन प्रतिरूप का चित्र बनाइए।###डी.एन.ए. का अर्थसंरक्षी प्रतिकृतिकरण होता है। यह किसने सिद्ध किया? उनके प्रयोग को विस्तारपूर्वक समझाइए।
बहुविकल्पता या बहुगुण ऐलीलवाद को मानव रुधिर वर्ग की सहायता से बताइये।
संक्षेप में बताइए - प्रतिबंधन एंजाइम और डी एन ए ।
किसी भौगोलिक क्षेत्र में प्रजातियों की क्षति के मुख्य कारण क्या हैं?