बुराई यह मालूम होती है की किसी के आचरण गलत पक्ष को उद्घाटित करते समय उससे रस लिया जाता है , ओर दोशोद्घाटन को एक मात्र कर्तव्य मन लिया जाता है ।बुराई में रस लेना बुरी बात है ।,अच्छाई को उतना ही रस लेकर उजागर न करना ओर भी बुरी बात है । सेकंडो घटनाई ऐसी घटती है, जीन्हे उजागर करने से लोकचित में अच्छाई के प्रति अच्छी भावना जगती है ।