Question
द्विसदनात्मक व्यवस्थापिका के दो गुण (लाभ) बताइये।

Answer

द्विसदनात्मक व्यवस्थापिका के गुण (लाभ)- द्विसदनात्मक व्यवस्थापिका के दो प्रमुख लाभ ये हैं-
(1) समाज के सभी वर्गों और क्षेत्रों को समुचित प्रतिनिधित्व-sिविधताओं से परिपूर्ण बड़े देश प्रायः द्विसदनात्मक राष्ट्रीय विधायिका चाहते हैं ताकि वे अपने समाज के सभी वर्गों और देश के सभी क्षेत्रों को समुचित प्रतिनिधित्व दे सकें।
(2) पुनर्विचार संभव-संसद के प्रत्येक निर्णय पर दूसरे सदन में पुनर्विचार हो जाता है। एक सदन द्वारा लिया गया प्रत्येक निर्णय दूसरे सदन को भेजा जाता है। यदि एक सदन जल्दबाजी में कोई निर्णय ले लेता है तो दूसरे सदन में उस पर पुनर्विचार हो जाता है।

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