Question
एहिं ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ सबु परिवारू।

Answer

स्वप्रयत्न

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अजब रंग हूं की ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ , करके जोर चलावे।
या मुरली ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ की, अधरान धरी अधरा न धरौंगी।
कहीं-कहीं तो पुल निरे काठ के,_________________ ,बीच में पहुंचने पर ऐसे हिले कि अब गिरे, अब गिरे।
बरसाँ री ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ सावन री, सावण री मणभावण री।
स्वर्गीय कविवर रवीन्द्रनाथ के हाथ से लगी ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ में कृष्णचूड़ाएँ आखिरी हैं।(मोटेराम, खड़खड़ाकर, वृक्षावलि, शिखांत, ठूंठ, भावुकता)
पर गए कुछ लोग इस पर छोड़ पैरों की __________________ |
कुछ गोष्ठियों के ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ - पत्र।(बतियाती, गहराती, निमंत्रण, व्यक्तित्व, मोबाइल)
रात्रि का विश्राम ही ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ बूटी है।(कंठहार, मदांधता, शिल्पियों, महाविपत्ति, संहारक, उजाला, संजीवनी)
जीवन के समान नीलू की मृत्यु भी ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ से रहित थी।(ऊँचे पर्वतीय, लूसी, वर्णसंकरता, स्तब्ध, दैन्य, ध्वनि)
मोको कहाँ ढूँढ़े ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾, मैं तो तेरे पास में।