Question
फिरि बैठी मन $................$ भयऊ।

Answer

स्वप्रयत्न

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हम दोनों ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾पीकर निशाना लगाने चले।(पथ्य, लट्टू, संपूर्णता, शरबत, हावड़ा, वाचालता)
हम सैनिक हैं, शूर‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾, जीवन-रस भरपूर है।(साहसी, आन, फल, जय, आजादी)
उड़े न दारु डारिये, लखि‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾अंगार।(बरद, लखमन, कटत, विवेक, युधिष्ठिर)
दान$-$पुण्य में $................$ ठीक नहीं।
सारे विश्व को अब ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ की चिता है।(उ‌द्योगों, तेजस्विता, लेखिका, प्रेरणादायक, पर्यावरण, निर्भीकता)
$................$ झरते बेला$-$कलि बढ़ती प्रतिपल।
कही $................$ भइ संगति जैसे।
‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾में जीवन व्यतीत करना अच्छा नहीं है।(पापबुद्धि, धन, निर्धनता, दोषारोपण, कपर, बुद्धिमत्ता, खोखले, देवता)
रानी के पीछे‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾पलटन थी।(पेशवाई, गोला, अस्तबल, तात्या, नायक, पैदल, प्रकाश, देशमुख, पिस्तोल, माता)
एक $................$ थक जाएगा, मिलकर बोझ उठाना।