फ्रांस में समाज तीन वर्गों में विभक्त था- (i) प्रथम एस्टेट में पादरी (ii) दूसरे एस्टेट में अभिजात वर्ग । (iii) तीसरे एस्टेट में सर्वसाधारण । प्रथम और द्वितीय वर्ग करों से मुक्त थे। फ्रांस की कुल भूमि का 40% इन्हीं के पास थी। 90 प्रतिशत जनता तीसरे एस्टेट में थी, जिनको कोई भी विशेषाधिकार प्राप्त नहीं था वे अपने स्वामी की सेवा घर एवं खेतों में काम करना । डाक्टर, वकील, जज, अध्यापक भी इसी वर्ग में थे। इन लोगों में भारी असंतोष था। यही वर्ग क्रांति का कारण बना।