गोधन द्वारा जलाना है लेकिन सलीमा का गीत गाकर आँख का इशारा मारनेवाले गोधन से गाँव भरके लोग नाराज थे , इसीलिए पंचो ने एकमत होकर उसका हुक्का पानी बंद किया था | सारे गाँव में उसके बिना कोई पंचलेट जलाना नहीं जानता था | सरदार ने कहा ,” जाती की बंदिश क्या , जबकि जाती की इज्जत ही पानी में बही जा रही है | इसीलिए जाति की इज्जत बचाने के लिए सरदार के कहने पर पंचो ने गोधन को खोल देने का एक स्वर में निर्णय किया | “