Uttar Pradesh Boardहिन्दी माध्यमकक्षा 10विज्ञानआनुवंशिकता2 Marks
Question
ग्रेगर जॉन मेण्डल पर टिप्पणी लिखिए।
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Answer
ग्रेगर जॉन मैण्डल जीवों में वंशागति का मूल आधार यह है कि प्रत्येक जीव की सभी संतान अपने माता-पिता से समान मात्रा में आनुवंशिक पदार्थ प्राप्त करती हैं। हम जानते हैं कि यह आनुवंशिक पदार्थ DNA है। अतः सभी संतति जीवों को प्रत्येक लक्षण के लिए माता व पिता दोनों से DNA मिलता है। इसका अर्थ है कि प्रत्येक जीव में एक लमण के लिए दो विकल्प होते हैं किन्तु सामान्यतमा इन दोनों विकल्पों था DNA प्रारूपों में से केवल एक ही उस लक्षण को प्रभावित करता है, दूसरा नहीं। मण्डल में सन् 1900 में लक्षणों के इन विकल्पों की वंशागति के नियम प्रस्तुत किए थे। इसके कारण ग्रेगर जॉन मैण्डल को 'आनुवंशिकी का जनक' कहा जाता है। मण्डल का जन्म सन् 1822 ई० में ऑस्ट्रिया देश के ब्रून शहर (Brunn city) में एक किसान परिवार में हुआ था। माध्यमिक शिक्षा लेने के बाद सन्न् 1847 में मैण्डल ब्रून शहर के एक गिरिजाघर में पादरी हो गए। वह विज्ञान एवं गणित के अध्ययन के लिए वियना विश्व-विद्यालय भी गए। अपने अवकाश के समय में गिरिजाघर के बगीचे में मण्डल नै मटर के पौधों में संकरण के अनेक प्रयोग किए। लगातार आठ वर्षों के कठिन परिश्चम के बाद इन प्रयोगों से प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर मण्डल ने 1866 में आनुवांशिकी के नियमों की खोज की। किन्तु उनके जीवन-काल में वैज्ञानिकों ने इसके महत्त्व को नहीं पहचाना। सन् 1900 में तीन जीव वैज्ञानिक डी-ब्रीज शेरमैक तथा कोरेन्स ने इन नियमों की पुनः खोज की।
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