Question
HI, HF से शक्तिशाली अम्ल है। व्याख्या करें।

Answer

H-I की बन्ध सामर्थ्य (या बन्ध वियोजन ऊर्जा) न्यूनतम तथा H-CI की अधिकतम होती है। अतः HI आसानी से I देता है। अतः इलेक्ट्रॉन युग्म दान करने की प्रकृति (नाभिकसंगिता) निम्न क्रम में होती है-
$I ^{-}> Br ^{-}> Cl$
अतः समान प्रकार से हैलोजन अम्लों की क्रियाशीलता निम्न क्रम में होती है-
$HI > HBr > HCl$

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