हमारे दैनिक जीवन में आर्थिक एवं गैर आर्थिक दोनों प्रकार की गतिविधियों का अत्यधिक महत्त्व है। आर्थिक गतिविधियों में मौद्रिक मूल्य सम्मिलित है। इनसे मुद्रा के रूप में आय प्राप्त होती है, जो हमारी भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आवश्यक है।
दूसरी तरफ गैर-आर्थिक गतिविधियों में यद्यपि धनराशि सम्मिलित नहीं होती है, तथापि इनसे उत्पन्न मूल्य, जैसे-संतुष्टि, कृतज्ञता, स्नेह हमारे जीवन में महत्त्व रखते हैं। ये गतिविधियाँ सामाजिक कल्याण और निजी कल्याण में योगदान देती हैं और जीवन की समग्र गुणवत्ता को बढ़ाती है।