MCQ
इलेक्ट्रॉन पर आवेश का परिमाण बराबर होता है-
  • A
    $2 \times 10^{-21} C$
  • B
    $1.6 \times 10^{-19} C$
  • $1.6 \times 10^{-20} C$
  • D
    इनमें से कोई नहीं

Answer

Correct option: C.
$1.6 \times 10^{-20} C$
C

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

कौन गलत कथन है?
एक नये ग्रह की कल्पना करें जिसका घनत्व पृथ्वी के समान है परन्तु यह पृथ्वी से आकार में 3 गुना बड़ा है। यदि पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण $g$ है और नये ग्रह की सतह पर $g ^{\prime}$ है तो:
नाभिकीय विखण्डन के आविष्कारक थे-
10 अधिक इलेक्ट्रॉन वाले एक तेल-बूँद को अचर वैद्युत क्षेत्र $3.65 \times 10^4 NC ^{-1}$द्वारा मिलिकन की तेल-बूँद प्रयोग की व्यवस्था में स्थिर रखा गया है। तेल का घनत्व $1.26 g cm ^{-3}$है। बूँद की त्रिज्या है
(मान लें $\left.g =9.8 ms^{-2}, e=1.6 \times 10^{-19} C \right)$
एक नाभिक की औसत बंधन-ऊर्जा प्रति न्यूक्लिओन है-
1 कूलॉम आवेश बराबर होता है-
N फेरों की कोई कुण्डली किसी चुम्बकीय क्षेत्र $\vec{B}$में इस प्रकार स्थित है कि चुम्बकीय क्षेत्र $\vec{B}$कुण्डली के तल के लम्बवत है। $\vec{B}$ में समय के साथ $B=B_0 \cos \left(\frac{2 \pi}{T} t\right)$के रूप में परिवर्तन होता है, यहाँ T आवर्तकाल है। कुण्डली में प्रेरित emf का परिमाण जिस समय पर अधिकतम होगा वह है-
यंग के एक प्रयोग में दो झिरियों की आपसी दूरी 1 mm तथा पर्दे की दूरी 1m है। यदि फ्रिज की चौड़ाई 0.5 mm मापी गई तो प्रयुक्त तरंग की तरंग लंबाई होगी-
विद्युत् द्विध्रुव आघूर्ण का S.I. मात्रक होता है।