जल-परागण - जब परागकणों का स्थानान्तरण जल द्वारा होता है तो इसे जल-परागण कहते हैं। सभी जलीय पौधे जल परागित नहीं होते हैं। जल परागित पुष्पों में निम्नलिखित विशेषताएँ पायी जाती हैं-
(i) जल परागित पौधों के पुष्प छोटे, रंगहीन, गंधहीन होते हैं।
(ii) पुष्पों में मकरन्द का निर्माण नहीं होता है।
(iii) परागकण हल्के होते हैं जो मोमिया पदार्थ से ढके होते हैं।
(iv) वर्तिकाग्र लम्बी, रोमयुक्त एवं चिपकी हुई होती है, किन्तु अनआर्द्र होती है।
(v) नर पुष्प अवृन्ती, जलमग्न तथा मादा पुष्प लम्बे, कुण्डलित वृन्त वाले होते हैं।
(vi) बाह्य दलपुंज, दलपुंज एवं अन्य पुष्पीय भाग अनआर्द्र होते हैं।