Question
जरा टेढ़ी फँस गई'-सीधी बात कहाँ पर फँस गई?

Answer

कवि बताता है कि बात सीधी-सरल थी, परन्तु उसे व्यक्त करने के लिए जो भाषा या शब्दावली प्रयुक्त की गई, वह जटिल और चमत्कारपर्ण थी। इस तरह भाषा को प्रभावी बनाने के चक्कर में सीधी बात उसमें फंस गई।

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

"आखिरकार वहीं हुआ, जिसका मुझे डर था।"-कवि को क्या डर था? स्पष्ट कीजिए।
विप्लवी बादल की युद्ध-नौका की क्या विशेषता बतायी गयी है?
रोपाई क्षण की, कटाई अनन्तता की'-'मेरा छोटा खेत' कविता की इस पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
पहलवान लुट्टनसिंह को राज-दरबार क्यों छोड़ना पड़ा? बताइए।
तितलियों की इतनी नाजुक दुनिया-यह किसके लिए कहा गया है?
कस्टम अधिकारी सुनीलदास ने अपने वतन के बारे में क्या बताया?
"विज्ञान का सत्य बड़ा है या सहज प्रेम का रस?"काले मेघा पानी दे' पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
फिल्म पत्रकारिता किसे कहते है ?
काली सिल और स्लेट का उपमान देकर कवि क्या बताना चाहता है?
कवि भी अपने जैसा हाड़ माँस का मनुष्य हो सकता है। आनंदा को इसका भान कैसे हुआ ?