Question
कबीर के अनुसार काबा कब काशी हो जाता है?

Answer

कबीर के अनुसार जब जातिगत एवं सम्प्रदायगत भेदभाव समाप्त हो जाता है, तब मनुष्य के मन से हिन्दू मुसलमान और राम-रहीम का ऊपरी भेदभाव मिट जाता है। उस स्थिति में काबा काशी हो जाता है, दुर्भावनाएँ एकदम मिट जाती हैं तथा काबा और काशी में अन्तर नहीं रह जाता है।

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