Question
केशान्त संस्कार का वर्णन करें।

Answer

भारतीय संस्कारों की परम्परा में शिक्षा संस्कारों की कड़ी में एक संस्कार केशान्त संस्कार भी होता है, जिसमें गुरु के घर में शिष्य का प्रथम क्षौरकर्म (बाल काटना) होता था, जिसमें गोदान एक महत्वपूर्ण कार्य होता है। इसी समय से उसकी वास्तविक पढ़ाई प्रारम्भ हो जाती थी। सम्भव है पढ़ाई से ध्यान न भटके और बच्चा अपने को सजाने और संवारने का सोचे ही नहीं इसलिए भी केशों को काट डालना उस समय के आचार्यों को श्रेयस्कर लगा होगा। कहीं-कहीं पर साहित्य में इस संस्कार का नाम गोदान संस्कार भी पाया जाता है।

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