अल्पाहार के लिए सब हाजिर थे, परंतु टीम का कप्तान दिखाई नहीं दे रहा था। पूरी टीम उसे ढूँढ़ने में लग गई, पर वह कहीं नजर नहीं आया। आखिर किसीने उसे उसके कमरे की गैलरी में देखा।वह एक हाथ से गेंद दीवार पर फेंक रहा था और जब उससे टकराकर वह वापस आती थी तो दूसरे हाथ से गेंद को बल्ले से खेलता था। क्रिकेट के प्रति टीम के कप्तान का ऐसा लगाव देखकर कोच, मैनेजर और साथी खिलाड़ी दंग रह गए।