Question
कवि संसार से क्यों दुःखी है?

Answer

कवि के अनुसार आज के लोग इतना ज्यादा स्वार्थी हो गए हैं कि कोई एक दूसरे की मदद नहीं करता है और कोई किसी को आगे बढ़ते नहीं देखना चाहता है। इसलिए.कवि संसार से दु:खी है।

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

कटिहार जंक्शन पर क्या बदलाव हुए थे? .
रंग गई क्षणंभर 
ढलते सूरज की आग से।
पंक्ति के आधार पर बूंद के क्षणभर रंगने की सार्थकता बताइए।
गीत गाने दो मुझे' कविता में समाज की भयावह स्थिति का चित्रण हुआ है, स्पष्ट कीजिए।
कातर दृष्टि से चारों तरफ प्रियतम को ढूँढने की मनोदशा को कवि ने किन शब्दों में व्यक्त किया है?
"मैंने भ्रमवश जीवन संचित, मधुकरियों की भीख लुटाई" देवसेना के जीवन पर 'आशा' शब्द का क्या प्रभाव पड़ता है?
यह तन जारौं......जहँ पाऊ' में विरहिणी नागमती क्या आकांक्षा व्यक्त करती है?
नागमती वियोग खण्ड' पूरा पढ़िए और जायसी के बारे में जानकारी प्राप्त कीजिए।
यह तन जारौं छार कै, कहौं कि पवन उड़ाउ। 
मकु तेहि मारग होइ परों,कत धरै जहं पाउ।। 
पंक्ति का भावार्थ लिखिए।
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए - "तब तो छबि पीवत जीवत हे, अब सोचन लोचन जात जरे।"
निम्न पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए - 
यह शहर इसी तरह खुलता है 
इसी तरह भरता है 
और खाली होता है यह शहर