अभिनंदन के उत्साहियों से लेखक ने पूछा, "सिर्फ अभिनंदन-पत्र और प्रशंसा दोगे या और कुछ?" उन्होंने कहा, "हम लोग धन-संग्रह करेंगे और आपको थैली भेंट करेंगे।" लेखक ने कहा कि अभिनंदन-पत्र मैं खुद लिख लूँगा। और छपवा लूँगा। आप मेरे नाम से अधिक से अधिक पैसा एकत्र कीजिए। मैं इसमें से 25 प्रतिशत आपको दूँगा, बाकी मेरा। वे कहन लगे, "हम आपको अभिनंदन करना चाहते हैं और आप हमारा ही अपमान कर रहे हैं। लेखक ने कहा, मैं आपका अपमान नहीं करता, पर आप इतनी मेहनत करेंगे तो मेरा भी कर्तव्य है कि आपको कुछ मेहनताना दूं। मैं मुफ्त में अभिनंदन नहीं कराना चाहता। नतीज़ा बुरा हुआ। मेरे अभिनंदन योजना अधर में लटकी है।