लिंकन अपने पुत्र को इमानदार ,विवेकशील, परिश्रमी , धैर्यवान , सत्यनिष्ठ , और आत्मनिर्भर के साथ साथ अपने विचार स्वयं बना सके ताकि उसका अपने आप पर पूरा विस्वास हो जाये | वह पसीना बहाकर कमाना सीखे | पराजय को जेलकर ख़ुशी को स्वयं मनना सीखे | इर्ष्या – द्वेष से दूर रहे , ईमानदारी से धान कमाए अपनी सूज बुज पर स्वयम विश्वास रखे ,भलो के साथ भलाई करे , चाटूकारी से सावधान रहे ,सत्य और न्यायाचित कार्य करे और अपना हर्दय और आत्मा धान के लिए कभी न बेचे |लिंकन अपने पुत्र को ऐसा बनाना चाहते है |