माइकोराइजा के लाभ निम्नलिखित हैं-
(1) यह जड़ तंत्र के बाहरी भाग का विस्तार करता है जिससे कि कवक सूत्र अधिक गहराई में जाकर पोषक तत्वों (फॉस्फोरस नाइट्रोजन, पोटैशियम, जिंक तथा गंधक) को मृदा में अवशोषित करके उनका संचयन कवक सूत्रों के मेन्टल या अरबसल्लस में करते हैं।
(2) यह कुछ वृद्धि कारकों जैसे ऑक्जिन, साइटोकाइनिन, जिबरालिन्स तथा विटामिन का स्राव करते हैं जिससे पौधों की वृद्धि होती है।
(3) दलहनी फसलों में माइकोराइजा का राइजोबियम के साथ निवेशन करने से फास्फोरस के साथ-साथ नाइट्रोजन मात्रा में भी वृद्धि होती है।
(4) माइकोराइजा वृक्ष दूसरे वृक्षों में माइकाराइजल सहजीविता स्थापित कर लेते हैं तथा उनमें पोषक तत्वों की कमी होने पर यह उस वृक्ष में पोषक तत्वों का स्थानान्तरण करते हैं।
(5) माइकोराइजा के कवक सूत्र मृदा में गहराई तक फैल जाते हैं तथा सूखने की स्थिति में पौधों के लिए जल की पूर्ति करते हैं।