कवक तथा उच्च पादपों की जड़ों में सहजीवन को माइकोराइजा कहते हैं। फ्रैंक (Frank, 1885) ने माइकोराइजा की खोज की थी। माइकोराइजा शब्द, 'माइकस' (Mykes = fungus) तथा 'राइजा' (Rhiza = Root) से मिलकर बना है।
सहजीवन से कवकों को कार्बोहाइड्रेट्स प्राप्त होते हैं जबकि पादपों को P एवं N उपलब्ध करवाने के साथसाथ सूखा एवं रोगों के प्रति लड़ने की क्षमता भी प्रदान करते हैं। उदा.- ग्लोमस (Glomus) का सम्बन्ध पाइनस (Pinus), फर, यूकेलिप्टस आदि की जड़ों के साथ होता है। कवक भूमि में जड़ों के चारों तरफ लिपटी रहती हैं, यहाँ तक यह जड़ों में भी प्रवेश कर जाती हैं।