जीवन-परिचय :-हिंदी साहित्य में 'एक भारतीय आत्मा' नाम से प्रसिद्ध पं. माखनलाल चतुर्वेदी का जन्म सन् 1889 ई. में मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले के एक गाँव वावई में हुआ। उन्होंने अपनी आजीविका अध्यापन से प्रारंभ की। तत्पश्चात् संपादन के क्षेत्र में सक्रिय हो गए। 'प्रभा' पत्र का संपादन करते-करते वे गणेश शंकर विद्यार्थी के संपर्क में आए। चतुर्वेदी जी पर विद्यार्थी जी की देश-सेवा का अत्यधिक प्रभाव पड़ा। उन्ही दिनों उन्होंने 'एक भारतीय आत्मा' इस उपनाम से ओजपूर्ण राष्ट्रीय कविताएँ लिखों । सन् 1921-1922 ई. में असहयोग आंदोलन के अंतर्गत कारावास गए। सन् 1924 ई. में गणेश शंकर विद्यार्थी की गिरफ्तारी के बाद उन्होंने 'प्रताप' पत्र का संपादन-कार्य संभाला। साहित्य की महान सेवा के लिए सागर वि. वि. ने उन्हें मानद डी.लिट् की उपाधि प्रदान की तथा भारत सरकार ने 'पद्मभूषण' से अलंकृत किया। 30 जनवरी, सन् 1968 ई. को उनका स्वर्गवास हो गया ।
रचनाएँ :-चतुर्वेदी जी मुख्यतः एक सफल कवि हैं। 'हिम किरीटनी', 'हिम तरगिनी', 'युगचरण', 'समर्पण', 'माता', 'वेणु लो गूंजे धरा' आदि उनकी प्रमुख काव्य रचनाएँ हैं।