मृदा उत्पादन को प्रभावित करने वाले कारक -
(1) मृदा उर्वरता - मृदा में पौधों की वृद्धि के लिए आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा, अनुपात एवं प्राप्य अवस्था में उपस्थित होते हैं तो मृदा उपजाऊ होती है और इसकी उत्पादकता भी अधिक होती है।
(2) मृदा की भौतिक दशा - मृदा की उपयुक्त भौतिक दशा में पौधों की वृद्धि अच्छी होती है, जिससे पैदावार अधिक होती है। मृदा की संरचना, कणाकार, जलधारण क्षमता, वायुसंचार आदि मुख्य भौतिक गुण हैं।
(3) मृदा की स्थिति - अन्य कारकों (मृदा संरचना, जलधारण क्षमता, वायुसंचार आदि) के समान होने पर शहर के पास वाली मृदा अधिक उत्पादक होती है क्योंकि शहर के पास होने के कारण उत्पादकों को फसल को शहर में बेचने की सुविधा मिल जाती है और अधिक मूल्य प्राप्त होता है।
(4) अन्य कारक - अन्य कारक जैसे-मौसम की प्रतिकूल दशा, कीट तथा बीमारियों का आक्रमण, जानवरों द्वारा फसल को नुकसान पहुँचाना, समय पर कृषि-क्रियाएँ नहीं करना आदि मृदा की उत्पादकता को कम कर देते हैं।