मेडुला ऑब्लांगेटा के कार्य - यह मस्तिष्क का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण भाग माना गया है क्योंकि शरीर की समस्त अनैच्छिक क्रियाओं (Involuntary Activities) का नियन्त्रण इस भाग द्वारा किया जाता है, अर्थात् हृदय स्पंदन, श्वसन दर, उपापचय, श्रवण, सन्तुलन, आहार नाल की क्रमाकुंचन गति, रक्त वाहिनियों के फैलने व सिकुड़ने की क्रिया, विभिन्न कोशिकाओं की स्रावण क्रिया तथा भोजन निगलने की गति इत्यादि समस्त क्रियाएँ इस भाग के नियन्त्रण में रहती हैं। नेत्रों व पश्च पादों की पेशियों का नियन्त्रण भी इसी भाग के द्वारा किया जाता है। इसके अतिरिक्त यह भाग मस्तिष्क के शेष भाग एवं मेरुरज्जु के मध्य सभी प्रेरणाओं के संवहन मार्ग का कार्य करता है। छींकना, खाँसी, उल्टी, उबासी एवं निगलना आदि का भी नियन्त्रण किया जाता है।