साहित्यिक परिचय-भाषा-ममता कालिया का भाषा पर पूरा अधिकार है। साधारण शब्दों का प्रयोग वह करती हैं कि उसका प्रभाव जाद के समान होता है। ममता जी को शब्दों की अच्छी परख है। भाषा में तत्सम शब्दावली के साथ तद्भव और लोक- प्रचलित शब्दों का प्रयोग भी आपने किया है। आपकी भाषा प्रवाहपूर्ण तथा वर्ण्य-विषय के अनुकूल है। विषय के अनुकूल सहज भावाभिव्यक्ति उनकी विशेषता है।
ममता जी ने वर्णनात्मक तथा विवरणात्मक शैली का प्रयोग किया है। उसमें कहीं-कहीं व्यंग्य के छींटे हैं। पात्रों के चरित्र-चित्रण में लेखिका ने मनोविश्लेषण शैली को अपनाया है।
प्रमुख कृतियाँ -
1.उपन्यास - बेघर, नरक दर नरक, एक पत्नी के नोट्स, प्रेम कहानी, लड़कियाँ, दौड़ इत्यादि।
2.कहानी-संग्रह - सम्पूर्ण कहानियाँ, 'पच्चीस साल की लड़की' तथा 'थियेटर रोड के कौवे'।
पुरस्कार - ममता जी को कहानी-साहित्य में उल्लेखनीय योगदान के लिए उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान से 'साहित्य भूषण' सम्मान सन् 2004 में मिल चुका है। इसी संस्था से 'कहानी-सम्मान', उनके सम्पूर्ण साहित्य पर अभिनव भारती कलकत्ता का 'रचना पुरस्कार' तथा 'सरस्वती प्रेस' और 'साप्ताहिक हिन्दुस्तान' का श्रेष्ठ कहानी पुरस्कार भी आपको मिल चुके हैं।