मृदा कोलॉइर्ड्स — कृषि रसायण विज्ञान कक्षा 12 साइन्स — Question
Rajasthan Boardहिन्दी माध्यमकक्षा 12 साइन्सकृषि रसायण विज्ञानमृदा कोलॉइर्ड्स4 Marks
Question
मृतिका खनिज का महत्त्व बताइए।
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Answer
मृदा में मृतिका सक्रिय अवयव हैं। ये भौतिक तथा रासायनिक गुणों को प्रभावित करते हैं। मृदा में मृतिका की उपस्थिति मृदा उर्वरता एवं क्षमता को बढ़ाती है। मृतिका खनिज का महत्त्व निम्न प्रकार है- (1) मृदा उर्वरता - मृदा में मृतिका की उपस्थिति से पोषक तत्वों की उपलब्धता में वृद्धि होती है, जिससे मृदा की उर्वरता में वृद्धि होती है। (2) जल धारण क्षमता - मृतिका के कण बहुत महीन होते हैं तथा रन्ध्रों का आकार भी छोटा होता है जिससे मृदा में जल धारण करने की क्षमता बढ़ जाती है। इससे जल का निक्षालन भी कम होता है तथा पौधों के लिए जल की उपलब्धता बढ़ जाती है। (3) घनायन विनिमय क्षमता - मृतिका की उपस्थिति से मृदा की धनायन विनिमय क्षमता में वृद्धि होती है। क्ले कणों पर अधिशोषित आयन धनायन विनिमय द्वारा मृदा विलयन में घुलकर पौधों को प्राप्त हो जाते हैं। (4) पोषक तत्वों का अधिशोषण - मृतिका के कण सूक्ष्म होने के कारण इनका बाह्य क्षेत्रफल अधिक होता है। इन कणों के ऋण आवेशित होने के कारण इन पर धनायन अधिक अधिशोषित होते एवं पौधों को पोषक तत्व प्राप्त हो जाते हैं। (5) पोषक तत्वों के भण्डारण में वृद्धि - मृतिका की सतह पर $Ca ^{2+}, Mg ^{2+}, Na ^{+}, NH _4^{+}, K ^{+}$ इत्यादि धनायनों का अधिशोषण अधिक होने से पोषक तत्वों के भण्डारण में वृद्धि होती है। पौधों की आवश्यकतानुसार ये तत्व मृदा विलयन में आ जाते हैं एवं पौधों को उपलब्ध होते हैं। (6) बन्धक प्रभाव - मृतिका के सूक्ष्म कण आपस में मिलकर बड़े कणों का निर्माण करते हैं साथ ही बालू के कणों को बाँधने की क्षमता रखाते हैं, जिससे मृदा की भौतिक दशा में सुधार होता है।
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