भर्तृहरि ने 'नीतिशतक', 'श्रृंगारशतक' और 'वैराग्यशतक' नामक तीन ग्रंथों की रचना की है जिसमें नीति से सम्बन्धित पद्यों को 'नीतिश्लोकाः' पाठ में संकलित किया गया है। प्रस्तुत उत्तर में मूर्ख का लक्षण बताते हुए भर्तृहरि कहते हैं कि जो व्यक्ति बिना बुलाए आता है, बिना पूछे बहुत बोलता है और जिस पर विश्वास नहीं करना चाहिए उस पर विश्वास करता है, उसे मूर्ख ही मानना चाहिए।