MCQ
नाभिकीय बल
  • लघु परास का बल है
  • B
    गुरुत्वबल के तुल्य तीव्र है
  • C
    व्युत्क्रम वर्ग बल है
  • D
    विशुद्ध स्थिरवैद्युत बल है

Answer

Correct option: A.
लघु परास का बल है
A

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

निम्नलिखित में कौन-सा प्रतिरोध R को व्यक्त करता है? ( P = प्रतिरोधकता, l = पदार्थ की लम्बाई, A = अनुप्रस्थ काट क्षेत्र)
दो आवेशित कण किसी एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र $B=B_0 \vec{k}$ में पूर्णतः सर्वसम सर्पिल पथों पर विपरीत दिशाओं में गमन करते हैं तो इनके-
नाभिक की त्रिज्या, परमाणु की त्रिज्या की तुलना में छोटी होती है, लगभग-
औसत रंग (पीला रंग) के अपवर्तनांक के लिए निम्नलिखित में कौन सही है?
किसी हाइड्रोजन परमाणु में एक इलेक्ट्रॉन उत्तेजित अवस्था $n$ से न्यूनतम ऊर्जा स्थिति में संक्रमण करता है (कूदता) है। इससे विकिरित तरंगदैर्ध्य का प्रकाश एक ऐसे प्रकाशसंवेदी पदार्थ को प्रदीप्त करता है जिसका कार्यफलन $2.75 eV$ है। यदि प्रकाश विद्युत इलेक्ट्रॉनों का निरोधी (अंतक) विभव $10 V$ है तो $n$ का मान होगा:
पोलोनियम की अर्द्धआयु 140 दिन है। आरंभिक द्रव्यमान 16g में कितने दिनों में 15g का विघटन हो जाएगा?
किसी CE ट्रोंजिस्टर प्रवर्धक में, संग्राहक प्रतिरोध $2 k \Omega$ के सिरों पर श्रव्य सिग्नल वोल्टता $2 V$ है। यदि आधार प्रतिरोध $1 k \Omega$ है तथा ट्रोजिस्टर का धारा प्रवर्ध 100 है तो निवेश सिग्नल वोल्टता है :
बोहर कक्षा की त्रिज्या r , पूर्णांक n तथा नियतांक K में सम्बन्ध-
यदि सदिश $\overrightarrow{ A }$ और $\overrightarrow{ B }$ के बीच का कोण $\theta$ है तो $(\overrightarrow{ B } \times \overrightarrow{ A }) \cdot \overrightarrow{ A }$ का मान है:
संचार के लिए कृत्रिम उपग्रहों द्वारा प्रयुक्त तरंग है-