Question
नदी और विद्वान् में क्या समानता है?

Answer

नदी अपने प्रवाह के अन्तिम क्रम में जब समुद्र में मिल जाती है तो उसका रूप और नाम समाप्त हो जाता है। उसका स्वरूप सागरमय हो जाता है उसी प्रकार विद्वान अपने को ब्रह्म में मिलाना चाहता है और इसके लिए प्रयासरत होता है। अंततः 'परोपकाराय सतां विभूतयः' के प्रमाण के आधार पर जब वह ब्रह्म में मिल जाता है तो वह भी अपने रूप और नाम को त्याग देता है और ब्रह्ममय हो जाता है।

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free