नगर निगम पार्षदों, महापौर, उपमहापौर, निगमआयुक्त तथा अन्य कर्मचारियों से मिलकर बनता है। नगर निगम में समूचे शहरे को कुछ वार्डों में विभाजित किया जाता है। प्रत्येक वार्ड के लोग वयस्क मताधिकार द्वारा अपने वार्ड का प्रतिनिधि चुनते हैं जिसे पार्षद कहा जाता है और पूरे शहर के लोग वयस्क मताधिकार द्वारा नगर निगम के मुखिया को चुनते हैं जिसे महापौर या मेयर कहा जाता है। निर्वाचित सदस्य अपनों में से ही उपमहापौर चुनते इसके अतिरिक्त नगर निगम के निर्णयों का रिकार्ड रखने तथा उनको कार्यान्वित करने के लिए सरकार द्वारा निगम आयुक्त व अन्य कर्मचारियों को नियुक्त किया जाता है।