Question
$NH _3$ में संकरण की व्याख्या कीजिए।

Answer

$NH _3$ में $N$ पर $sp ^3$ संकरण होता है:
तलस्थ अवस्था में $N$ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास निम्न प्रकार होता

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चार $sp ^3$ संकर कक्षकों में से तीन $sp ^3$ संकर कक्षकों में अयुग्मित इलेक्ट्रॉन होते हैं जबकि चौथे $sp ^3$ संकर में एक एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म होता है। नाइट्रोजन के तीन $sp$ संकर कक्षक तीन हाइड्रोजन परमाणुओं के $1 s$ कक्षकों के साथ अतिव्यापन करके तीन N-H आबंध बनाते हैं। एकाकी इलेक्ट्रॉन-युग्म तथा आबंधी इलेक्ट्रॉन युग्म (1.p-b.p) के बीच प्रतिकर्षण, आबंधी इलेक्ट्रॉन युग्म-आबंधी इलेक्ट्रॉन युग्म (b. p bp) की अपेक्षा अधिक होता है। इससे $NH _3$ के अणु आबंध कोण 109.50 से घटकर $107^{\circ}$ हो जाता है तथा अणु की ज्यामिति विकृत होकर पिरामिडी हो जाती है।

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