Question
पहली कठपुतली की बात दूसरी कठपुतलियों को क्यों अच्छी लगी?

Answer

अवश्य पहली, कठपुतली की बात सुनकर दूसरी कठपुतलियों को अच्छी लगी होगी। परतंत्र रहना किसी को पसंद नहीं। सभी स्वतंत्र यानी आजाद रहना चाहते हैं। सभी अपने-अपने मर्जी से काम करना चाहते हैं। किसी भी कठपुतली को धागे में बंधे रहना और दूसरों की मर्जी से नाचना पसंद नहीं था। यही कारण था कि पहली कठपुतली की बात दूसरी कठपुतलियों को अच्छी लगी होगी।

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टी-वी-टी टुट्-टुट्
• ऊपर दी गई कविता और सर्वेश्वरदयाल जी की कविता में आपको क्या मुख्य अंतर लगा? लिखिए।
पहली कठपुतली की बात दूसरी कठपुतलियों को क्यों अच्छी लगीं?
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नीचे दिए उदाहरण पढ़िए
(क) बनत बहुत बहु रीत।।
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