Question
"प्रबन्ध एक अमूर्त शक्ति है।" कैसे?

Answer

प्रबन्ध को देखा व छुआ नहीं जा सकता है। लेकिन इसकी उपस्थिति को संगठन के कार्यों के रूप में अनुभव किया जा सकता है। अतः प्रबन्ध एक अमूर्त शक्ति है।

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

"नियोजन में चयन शामिल है।" संक्षेप में व्याख्या कीजिये। ...
अभिप्रेरण के अर्थ की संक्षिप्त व्याख्या करें।
प्रभागीय संगठन ढाँचा किन व्यावसायिक संस्थानों के लिए उपयुक्त माना जाता है?
प्राथमिक पूँजी बाजार क्या है ?
जब वित्तीय बाजार में विनियोजन कार्य सर्वोत्तम ढंग से निष्पादित होता है तो उसके क्या परिणाम होते हैं?
निर्देशन के आदेश के एकता सिद्धान्त से क्या तात्पर्य है?
कौनसा अधिनियम क्रेताओं को राहत प्रदान करता है, जब खरीदी गई वस्तुएँ व्यक्त की गई शर्तों के अनुरूप नहीं हों?
"प्रबन्ध सर्वव्यापी है।" स्पष्ट कीजिए।
प्रमापीकरण से क्या तात्पर्य है?
प्रभागीय संगठन ढाँचे के कोई दो दोष बतलाइये।